Cover

Bawali Booch

Sunil Kumar

Ungekürzt 9789354345920
6 Stunden 18 Minuten
Einige Artikel enthalten Affiliate-Links (gekennzeichnet mit einem Sternchen *). Wenn ihr auf diese Links klickt und Produkte kauft, erhalten wir eine kleine Provision, ohne dass für euch zusätzliche Kosten entstehen. Eure Unterstützung hilft, diese Seite am Laufen zu halten und weiterhin nützlichen Content zu erstellen. Danke für eure Unterstützung!

Vom Herausgeber

एक अबला जिसका जिस्म दिल्ली के जीबी रोड, मुंबई के कमाठीपुरा और कोलकाता के सोनागाछी में बार-बार छलनी हुआ, लेकिन नारीशक्ति बन उसने देश के गौरव में दो सितारे जड़ दिए। घर से ठुकराया गया एक मजदूर, जो कइयों के लिए मसीहा बना। एक उद्योगपति, दुनिया को लूट जिसमें स्वदेश प्रेम जागा, लोकतंत्र के चौथे स्तंभ के जरिये सैकड़ों घरों को बर्बाद कर जो तिहाड़ पहुँचा। एक लड़का जो छाती में फटे फेफड़े को लेकर भी गिद्धों की पलटन से भिड़ गया। अलग-अलग किरदारों में यह आपकी जिंदगी है, यह आपकी कहानी है।
Vom Herausgeber
एक अबला जिसका जिस्म दिल्ली के जीबी रोड, मुंबई के कमाठीपुरा और कोलकाता के सोनागाछी में बार-बार छलनी हुआ, लेकिन नारीशक्ति बन उसने देश के गौरव में दो सितारे जड़ दिए। घर से ठुकराया गया एक मजदूर, जो कइयों के लिए मसीहा बना। एक उद्योगपति, दुनिया को लूट जिसमें स्वदेश प्रेम जागा, लोकतंत्र के चौथे स्तंभ के जरिये सैकड़ों घरों को बर्बाद कर जो तिहाड़ पहुँचा। एक लड़का जो छाती में फटे फेफड़े को लेकर भी गिद्धों की पलटन से भिड़ गया। अलग-अलग किरदारों में यह आपकी जिंदगी है, यह आपकी कहानी है।
Veröffentlichungsdatum
08.01.22

Storyside IN