Somnath
Acharya Chatursen Shastri
Ungekürzt
•
9789353980146
20 Stunden
Einige Artikel enthalten Affiliate-Links (gekennzeichnet mit einem Sternchen *). Wenn ihr auf diese Links klickt und Produkte kauft, erhalten wir eine kleine Provision, ohne dass für euch zusätzliche Kosten entstehen. Eure Unterstützung hilft, diese Seite am Laufen zu halten und weiterhin nützlichen Content zu erstellen. Danke für eure Unterstützung!
Vom Herausgeber
सोमनाथ हिन्दी साहित्य के कालजयी उपन्यासों में से है। बहुत कम ऐतिहासिक उपन्यास इतने रोचक और लोकप्रिय हुए हैं। इसके पीछे आचार्य चतुरसेन की वर्षों की साधना, गहन अध्ययन और सबसे बढ़कर उनकी लाजवाब लेखन-शैली है। बारह ज्योतिर्लिंगों में सोमनाथ का अग्रणी स्थान है। अन्य विदेशी आक्रमणकारियों के अलावा महमूद गजनवी ने इस आदि-मंदिर के वैभव को 16 बार लूटा। पर सूर्यवंशी राजाओं के पराक्रम से वह भय भी खाता था। फिर भी लूट का यह सिलसिला सदियों तक चला। यह सब इस उपन्यास की पृष्ठभूमि है। 'सोमनाथ' का दूसरा पक्ष भी है जो उपन्यास में जीवंत हुआ है। मंदिर के विशाल प्रांगण में गूंजती घुंघरुओं की झनकार इस जीवन की लय को ताल देती है। जीवन का यह संगीत भारत के जनमानस का संगीत है। आततायियों के नगाड़ों का शोर इसे दबा नहीं पाता। एक अजब सी शक्ति से वह फिर-फिर उठता है और करता है-एक और पुनर्निर्माण। निर्माण और विध्वंस की यही शृंखला इस कथा का आधार है।