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Ramayan ke Amar Patra Ram

Vinay

Completo 9789353813147
7 horas 39 minutos
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De la editorial

राम को मर्यादा पुरुषोत्तम के रूप में प्रतिपादित कर एक महान सांस्कृतिक आधार प्रतिष्ठित किया था और उसके बाद अनेक प्रकार से राम कथा का स्वरूप विकसित होता रहा और बाद के आने वाले रचनाकारों ने रामकथा को उसके मूल्य की रक्षा करते हुए अपने ढंग से प्रस्तुत किया है. गोस्वामी तुलसीदास के बाद भी राम कथा को विभिन्न रूपों में अनुभव किया जाता रहा और रामकथा में अन्य आयाम जोड़ने का उपक्रम भी जारी रहा. मर्यादा पुरुषोत्तम राम का उपन्यासिक शैली में यह प्रस्तुतीकरण भी अद्भुत है.
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राम को मर्यादा पुरुषोत्तम के रूप में प्रतिपादित कर एक महान सांस्कृतिक आधार प्रतिष्ठित किया था और उसके बाद अनेक प्रकार से राम कथा का स्वरूप विकसित होता रहा और बाद के आने वाले रचनाकारों ने रामकथा को उसके मूल्य की रक्षा करते हुए अपने ढंग से प्रस्तुत किया है. गोस्वामी तुलसीदास के बाद भी राम कथा को विभिन्न रूपों में अनुभव किया जाता रहा और रामकथा में अन्य आयाम जोड़ने का उपक्रम भी जारी रहा. मर्यादा पुरुषोत्तम राम का उपन्यासिक शैली में यह प्रस्तुतीकरण भी अद्भुत है.

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Fecha de lanzamiento
21/03/2020
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