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Neil Armstrong : Chandrama par Pahla ...

राकेश शर्मा

Completo 9789353983550
6 horas 28 minutos
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De la editorial

नील आर्मस्ट्रांग पहले व्यक्‍त‌ि थे; जिन्होंने सर्वप्रथम चंद्रमा पर अपना कदम रखा। 5 अगस्त; 1930 को संयुक्त राज्य अमेरिका के वापाकोनेटा; ओहियो में जनमे आर्मस्ट्रांग की रुचि शुरू से ही चंद्रमा; तारों और अंतरिक्ष में थी; इसलिए उन्होंने इसी को अपने कॅरियर के रूप में अपनाया। कुछ समय नौसेना में काम करने के बाद सन् 1955 में उन्होंने नेशनल एडवाइजरी कमेटी फॉर एयरोनॉटिक्स (एन.ए.सी.ए.) में कार्यारंभ किया। इसी कमेटी का नाम बाद में 'नासा' (नेशनल एयरोनॉटिक्स एंड रचेश एडमिनिस्टे्रशन) पड़ा। 16 मार्च; 1966 को जैमिनी-8 अभियान के तहत वे पहले-पहल अंतरिक्ष में गए। इसके बाद अपोलो-2 में बतौर कमांडर वे चंद्रमा की सतह पर उतरे और इतिहास रच दिया। नील ऑर्मस्ट्रांग को सैकड़ों पुरस्कार व सम्मान मिले; लेकिन उनकी अंतरिक्ष जितनी ऊँची पहुँच के आगे वे सब गौण रहे। 82 वर्ष की आयु में 25 अगस्त; 2012 को दिल का दौरा पड़ने से उनका निधन हो गया। एक महान् अंतरिक्षयात्री के साहसपूर्ण; खोजपूर्ण और रोमांचक जीवन की पूरी बानगी है यह पुस्तक। तो सुनिए अब चाँद पर पहुँचने वाले पहले मानव की कहानी ऑडियो में!
De la editorial
नील आर्मस्ट्रांग पहले व्यक्‍त‌ि थे; जिन्होंने सर्वप्रथम चंद्रमा पर अपना कदम रखा। 5 अगस्त; 1930 को संयुक्त राज्य अमेरिका के वापाकोनेटा; ओहियो में जनमे आर्मस्ट्रांग की रुचि शुरू से ही चंद्रमा; तारों और अंतरिक्ष में थी; इसलिए उन्होंने इसी को अपने कॅरियर के रूप में अपनाया। कुछ समय नौसेना में काम करने के बाद सन् 1955 में उन्होंने नेशनल एडवाइजरी कमेटी फॉर एयरोनॉटिक्स (एन.ए.सी.ए.) में कार्यारंभ किया। इसी कमेटी का नाम बाद में 'नासा' (नेशनल एयरोनॉटिक्स एंड रचेश एडमिनिस्टे्रशन) पड़ा। 16 मार्च; 1966 को जैमिनी-8 अभियान के तहत वे पहले-पहल अंतरिक्ष में गए। इसके बाद अपोलो-2 में बतौर कमांडर वे चंद्रमा की सतह पर उतरे और इतिहास रच दिया। नील ऑर्मस्ट्रांग को सैकड़ों पुरस्कार व सम्मान मिले; लेकिन उनकी अंतरिक्ष जितनी ऊँची पहुँच के आगे वे सब गौण रहे। 82 वर्ष की आयु में 25 अगस्त; 2012 को दिल का दौरा पड़ने से उनका निधन हो गया। एक महान् अंतरिक्षयात्री के साहसपूर्ण; खोजपूर्ण और रोमांचक जीवन की पूरी बानगी है यह पुस्तक। तो सुनिए अब चाँद पर पहुँचने वाले पहले मानव की कहानी ऑडियो में!
Editorial
Fecha de lanzamiento
30/09/2021
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