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Shrikant Verma: Pratinidhi Kavitayen

Shreekant Verma

Completo 9789353810788
2 horas 8 minutos
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De la editorial

श्रीकांत वर्मा आधुनिक हिंदी कविता के एक शीर्ष हस्ताक्षर हैं. उनकी कविता में इतिहास और सत्ता के सम्मुख एक व्यक्ति के ग़ुस्से और नाराज़गी के स्वर एब्सर्ड और आराजक से होते हुए उनके अंतिम संग्रह 'मगध' में सभ्यता समीक्षा की एक कलात्मक कोशिश में बदल जाते हैं. इस संकलन में उनकी सभी किताबों से चुनी हुई कविताएँ हैं जो उनकी कविता की सारी रेंज और विविधता से पाठक का परिचय कराती है.
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श्रीकांत वर्मा आधुनिक हिंदी कविता के एक शीर्ष हस्ताक्षर हैं. उनकी कविता में इतिहास और सत्ता के सम्मुख एक व्यक्ति के ग़ुस्से और नाराज़गी के स्वर एब्सर्ड और आराजक से होते हुए उनके अंतिम संग्रह 'मगध' में सभ्यता समीक्षा की एक कलात्मक कोशिश में बदल जाते हैं. इस संकलन में उनकी सभी किताबों से चुनी हुई कविताएँ हैं जो उनकी कविता की सारी रेंज और विविधता से पाठक का परिचय कराती है.
Editorial
Fecha de lanzamiento
11/10/2019
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